Bangladesh(बांग्लादेश):– बिजली का महा संकट

Bangladesh breaking news – बिजली का संकट

Bangladesh(बांग्लादेश):– बिजली का महा संकट

Bangladesh  भारत का पड़ोसी देश बांग्लादेश में बिजली का महा संकट पैदा हो गया है।  एक उभरती हुई अर्थव्यवस्था वाला मुल्क था लेकिन आज वह आर्थिक संकट की चपेट में है। उसका हाल पाकिस्तान और श्रीलंका के जैसा होने लगा है।पाकिस्तान और श्रीलंका के बाद भारत का एक और देश अब गंभीर आर्थिक संकट के चपेट में है। 

Bangladesh breaking news – बिजली का संकट
Bangladesh breaking news – बिजली का संकटhttps://nsvnews.com/wp-content/uploads/2023/07/download-5.jpeg

सरकार के पास बिलों के भुगतान के रुपए नहीं है जिससे देश में बिजली संकट पैदा हो गया है।

2016 के बाद से सबसे निचले स्तर पर भंडार इसी साल मार्च के अंत तक बांग्लादेश का विदेशी मुद्रा भंडार 31.14 अरब डॉलर तक पहुंच गया था जो दिसंबर 2016 के बाद सबसे कम था। बचे हुए भंडार से बांग्लादेश सिर्फ पांच महीनों तक आयात के बिलों का भुगतान कर सकता है। भंडार को बढ़ाने के लिए सरकार ने विदेशों में काम करने वाले बांग्लादेशियों से ज्यादा से ज्यादा पैसा देश में भेजने की अपील की थी। हालांकि अभी भी बांग्लादेश पाकिस्तान से बेहतर स्थिति में हैं जिसके भंडार में सिर्फ 4.19 अरब डॉलर ही बचे हैं। 

हाइलाइट्स

  1.  बांग्लादेश आर्थिक संकट की चपेट में
  2. सरकार पर बढ़ रहा बिजली और ऊर्जा कर्ज का बोझ, गहरा सकता है संकट
  3. ऊर्जा की कमी से बांग्लादेश  के 100 पावर प्लांट प्रभावित, सिर्फ 21 कर रहे काम

Bangladesh(बांग्लादेश):– बिजली का महा संकट

बांग्लादेश की राजधानी ढाका भी बिजली से प्रभावित हो रहा है ।

बांग्लादेश का बिजली और ऊर्जा कर्ज अब  लगभग 2.5 बिलियन डॉलर से अधिक हो गया है जिससे और अधिक पॉवर प्लांट्स के ठप होने और बिजली संकट के और अधिक गहराने का खतरा पैदा हो गया है। अभी तक बांग्लादेश  के 100 पावर प्लांट प्रभावित हुए हैं।पिछले एक साल में बांग्लादेश लगातार अपने ऊर्जा और बिजली बिलों का भुगतान करने में विफल रहा है। बिजली उत्पादक और आपूर्तिकर्ता बांग्लादेश को लगातार उनके ऑपरेशन और सप्लाई बंद करने की चेतावनी दे रहे हैं।

पायरा पॉवर प्लांट का बंद होना इस बात का सबूत है कि सरकार बिजली और ऊर्जा के मोर्चे पर संकट का सामना कर रही है। बांग्लादेश उपभोक्ता संघ के ऊर्जा सलाहकार एम शम्सुल आलम ने कहा, ‘सरकार न तो ऊर्जा खरीद सकती है और न ही बिजली संयंत्रों का भुगतान कर सकती है। बिजली संकट ने औद्योगिक गतिविधियों को लगभग ठप कर दिया है।’ उन्होंने कहा, ‘समस्या यह है कि सरकार संकट की गंभीरता को भी नहीं पहचानती है।

बांग्लादेश में सिर्फ 21 प्लांट कर रहे है काम

बांग्लादेश में मंगलवार को कुल 154 बिजली संयंत्रों में से करीब 65 प्रतिशत या 100 बिजली संयंत्र अलग-अलग कारणों से, मुख्य रूप से ईंधन की कमी के चलते, या तो आंशिक रूप से या पूरी तरह से बंद थे। पॉवर ग्रिड कंपनी ऑफ बांग्लादेश की ओर से जारी किए गए आंकड़ों से पता चलता है कि सिर्फ 21 बिजली संयंत्रों ने मंगलवार को अपनी ‘पूरी’ या ‘लगभग पूरी’ क्षमता का इस्तेमाल किया। पाकिस्तान की तरह बांग्लादेश का भी विदेशी मुद्रा भंडार सिकुड़ता जा रहा है।

https://sarkarirozi.com/index.php/2023/04/27/rbi-grade-b/?amp=1

 

International Tiger Day (अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस):– क्यों और कब से मनाया जाता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *